Warning: Missing argument 1 for getAds(), called in /var/www/html/website/hyperlocal/application/modules/default/views/scripts/postdetail/index.phtml on line 57 and defined in /var/www/html/website/hyperlocal/application/Bootstrap.php on line 447

Warning: Missing argument 2 for getAds(), called in /var/www/html/website/hyperlocal/application/modules/default/views/scripts/postdetail/index.phtml on line 57 and defined in /var/www/html/website/hyperlocal/application/Bootstrap.php on line 447

Warning: Missing argument 3 for getAds(), called in /var/www/html/website/hyperlocal/application/modules/default/views/scripts/postdetail/index.phtml on line 57 and defined in /var/www/html/website/hyperlocal/application/Bootstrap.php on line 447

Notice: Undefined variable: idadcategory in /var/www/html/website/hyperlocal/application/Bootstrap.php on line 476

Notice: Undefined variable: displaylimit in /var/www/html/website/hyperlocal/application/Bootstrap.php on line 478
तो ये वजह बताते हैं कि आपके पैर भाग्यशाली है कि नहीं

  • 2016-12-09 05:26:20
  • roopshikha

ARWAL : आपने कई बार सुना होगा कि बच्चे के पैर बड़े भाग्यशाली हैं। जब से आया है दिन दोगुनी रात चौगुनी हो रही है। कई बार यह बात उलट भी सुनी होगी।

जाने कैसे पैर पड़े हैं घर में। जब से आया है तब से सब खराब है। ज्योतिष शास्त्र में जन्म के वक्त पैरों को लेकर विशेष वर्णन है। किसी भी जन्म कुंडली में बारह भाव होते हैं जिन्हें चार भागों में बांटा गया है। प्रत्येक भाग एक पाद या पैर कहलाता है। इन चारों पादों की धातु के अनुसार विवेचना की जाती है। पाद चार तरह के होते हैं। चाँदी का पैर, तांबे के पैर, सोने के पैर और लोहे के पैर। चंद्रमा ग्रह कुंडली के जिस भाव में मौजूद होता है उसे उसी के नाम से जाना जाता है। जानिए कौन सा पैर किस तरह का लाभ देता है।
तांबे का पैर: यदि जन्म कुण्डली में चन्द्रमा तृतीय, सातवें या दसवें भाव में स्थित हो तो जातक के पाद तांबे के माने जाते हैं। ताम्र पाद में जन्मा जातक अच्छा एवं शुभ समझा जाता है।
सोने का पैर: यदि जन्म कुण्डली में चन्द्रमा पहले, छठे, या 11 वें भाव में स्थित हो तो जातक के पाद सोने के माने जाते हैं। सोने के पाये में जन्मा जातक अच्छा नहीं समझा जाता।

लोहे का पैर: यदि किसी जातक की जन्म कुण्डली में चन्द्रमा चौथे, आठवें या 12 वें में स्थित हो तो जातक के पाद लोहे के माने जाते हैं।
चांदी के पैर : यदि किसी जातक की जन्म कुण्डली में चन्द्रमा दूसरे, पांचवें या नवें भाव में स्थित हो तो जातक के पाद चांदी के माने जाते हैं। चांदी के पाद वाला जातक भाग्यवान समझा जाता है। ज्योतिष में यह पाद सर्वोत्तम माना गया है। 

Leave A comment